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  Health  
  Last update:  2010-01-10.  Time 23:30 IST

मेरठ  चिकित्सालय में तीन वेन्टीलेटर तथा दो एम्बुलेन्स उपलब्ध कराने के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने माछरा तथा गजरौला स्वास्थ्य केन्द्र का किया औचक निरीक्षण

लखनऊ, 10 जनवरी। (उप्रससे)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अनन्त कुमार मिश्र ने जिला चिकित्सालय, मेरठ में तीन वेन्टीलेटर तथा दो एम्बुलेन्स उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने ज्योतिबाफुले नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है कि जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत लाभार्थी गर्भवती महिला को उपलब्ध कराये जाने वाली धनराशि का चेक 12 घण्टे के अन्दर सुलभ करा दिया जाये।

            चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने आज मेरठ के कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये कि जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाये। उन्हाेंने कहा कि सभी कार्मिक अपने दायित्वों का निष्ठा से अनुपालन करते हुए मरीजों की समुचित देख-भाल करें जिससे जनता को बदलाव का अहसास हो तथा सरकारी अस्पतालों में उनका विश्वास बढे।

            श्री मिश्र ने ज्योतिबा फुलेनगर में समीक्षा के दौरान आश्वस्त किया कि जिले में बनाये गये नये अस्पताल में आवश्यकतानुसार पदों का सृजन शीघ्र करा दिया जायेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों में लगी कार्यदायी संस्थायें सभी निर्माण कार्य समय से पूरा करें। सम्बन्धित अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर निगरानी रखें तथा गुणवत्ता की कमी पाये जाने पर सम्बन्धित के खिलाफ जवाबदेही तय कर कार्यवाही की जाये।

            चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने मेरठ तथा ज्योतिबाफुले नगर के अपर मण्डलीय निदेशक तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे स्वास्थ्य केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें तथा ओ0पी0डी0 में आने वाले तथा केन्द्रों में भर्ती मरीजों को आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी राष्ट्रीय कार्यमों का पर्यवेक्षण कर विभागीय अधिकारियोंकर्मचारियों के माध्यम से उसका लाभ लाभार्थियों को उपलब्ध कराये।

            श्री मिश्र ने गजरौला में स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों से दवाई मिलने तथा चिकित्सकों के व्यवहार के बारे में जानकारी प्राप्त की। माछरा स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के दौरान ओ0पी0डी0 61 मरीज पंजीकृत मिले। स्वास्थ्य केन्द्र में एक गर्भवती महिला भर्ती थी। स्वास्थ्य मंत्री जी ने निर्देश दिये कि सम्बन्धित महिला को जननी सुरक्षा योजना का चेक तत्काल उपलब्ध करा दिया जाये।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान यह निर्देश दिये कि सरकार का यह प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं का भरपूर लाभ मिले। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को पूरा करने में डॉक्टरों का दायित्व और अधिक बढ गया है, इसके लिए जरूरी है कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर समय से पहुंचें, मरीजों से अच्छा व्यवहार करें तथा चिकित्सालयों की संचालन व्यवस्था को चाक चौबन्द बनाये रखें। 

Balanced meal plan for fitness

Courtesy by Sify.com

You have been informed about what is a calorie, why calories are required, what are your requirements, which foods provide calories and how much is got from a prepared dish.

So, in this last piece, let me sign off with a simple balanced meal plan.

Let this be a weight reducing diet, as most readers ask for it. For those who need not reduce, add some dishes based on the values given in the 100 calorie table that I had given earlier to make up their calorie requirement.

I mentioned earlier that you have to be good in simple maths to work out your own diets. Take up your requirement from the table, check out on the planned diet, adding or subtracting, where necessary, using the table on 100calorie foods.

Sample diet for reducing weight for women. Men can increase the energy by 300 to 400 Kcals.

Foods

Quantity, g

Protein, g

Fat, g

Carbs,  g

Energy, Kcal

Cereal

150

18

6

102

525

Pulses

50

12

1

30

175

Gr.leafy veg.

100

3

7

40

Other vegs

100

2

8

40

Fruits

100

1

14

60

Egg

One

6

6

80

Fish and chicken

50

12

0.5

50

Meats

50

10

3

65

Milk

200

6

8

8

130

Fats

10

10

90

 

 

 

 

 

 

Totals

 

70

24.5

169

1255

Ms. Malathi Mohan is Dean, Academy of Fitness Management, FitnessOne, Chennai.

This is the fifth of a five-part series on calories by nutrition expert Malathi Mohan.

In this five-part series on calories, nutrition expert Malathi Mohan highlights the role calories play in our food and shares important tips to manage calorie intake better as a family.

 

Last update:  2010-11-18.  Time 23:45 IST

योग अपनाने की अपील, योग से ठीक होते है बड़े-बड़े असाध्य रोग

शाहजहांपुर, 18 नवम्बर। (उप्रससे)।  योग को यदि हम जीवन की दैनिक पद्वति के रूप में अपना लेते है तो हमारा प्रत्येक क्षेत्र में कल्याण होगा। काया सुन्दर होगी, सुख-शांति तथा मानसिक पवित्र प्राप्त होगी। जो विश्व कल्याणकरी भी होगा।

उक्त कथन महिला पतंजलि योग समिति की संयोजिका लक्ष्मी गुप्ता ने कहे। उन्होंने बताया कि योग से गठिया, गैस, डायबिटीज, बी.पी. माईग्रेन, अर्थराइटिस, अस्थमा, साइरिया दर्द, खांसी जुकाम, नजला, दस्त, कब्ज, कमर दर्द, स्पैन्डीलाइटिस, गांठ, लीवर, हार्ट, आंत, गुर्दे, कोशिकाओं को पुन: निर्माण, गैस बनने पर नियंत्रण, मोटापा कम, पाचन क्रिया को सुदृढ़ होता है एवं शरीर सुड़ौल बनता है। उन्होंने बताया कि वह पहले शहीद उद्यान में योग सिखाती थी। लेकिन वर्तमान में वह अपने घर पर ही सुबह साढ़े 5 बजे से 7 बजे तक योग क्लास चलाती है।

कुशीनगर में इन्सेफलाईटिस से दो और मासूमों की मौत

Inseflaitis in Kushinagar, 2 Child dead

कुशीनगर, 6 नवम्बर । (उप्रससे)। जिले में इन्सेफलाईटिस से पिछले 36 घण्टों में दो और मासूमों की जान चली गई । ये बच्चे विगत दो दिन से इस बीमारी की चपेट में थे।

       रामकोला क्षेत्र के दो गांवों में घटी इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। इन्सेफलाईटिस के कहर से पूरा जिला प्रभावित हैं। कोई ऐसा दिन नहीं कि कोई इस बीमारी से प्रभावित न हो ऐसी अवस्था में हालांकि लोग इसको लेकर जागरूक हुए हैं। रामकोला के कुसम्हा गांव में इस विमारी ने इस कदर अपना कहर भरपाया कि एक मासूम की जान चली गयी । श्यामसुन्दर की तीन वर्षीय बेटी जानकी इस बीमारी से प्रभावित हो गयी और ऐसी दशा में परिजनों ने उसे स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। गुरूवार को उसकी मौत हो गयी ।

इसी तरह राकोला के गांव वरवा महदेवा में टोला झुगिया पट्टी में शुवार को इस बीमारी के कहर से गामा की तीन वर्षीय बेटी रीना ने दम तोड़ दिया । रीना विगत दो दिन से बीमार थी और जब शुवार को जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था कि उसकी मौत हो गयीं । ऐसी दशा में ग्रामीण गांव में छिडकाव की मांग कर रहें हैं । इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि जनपद में इन्सेफेलाईटिस की रोक थाम के लिए सरकार की मंशा के अनुसार बेहतर कदम उठाये जा रहे हैं। कहीं किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्यवाही भी की जा रही है।

इंसेफलाइटिस से 36 घण्टे में चार मासूमों की मृत्यु

कुशीनगर,04 नवम्बर। (उप्रससे)। जिले में इन्सेफलाईटिस का कहर रूकने का नाम नही ले रहा है। पिछले छतीस घण्टों में इस बीमारी से चार मासूमों की जान जा चूकी है।

        जनपद में ऐसा नही की यह घअना आज ही केवल घट रही हो यहा इस बीमारी से मरने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढती जारही है।इस बीमारी के चपेट में गोइ्रतीवुजूर्ग निवासी जितेन्द्र के दा वेटे इसकी चपेट में आ चूके है। तो वही टेकुआटार के जमुनिया टोला निवासी मेराजुदीन की दो पुत्रिया मौत के मुहू में समा चूकी है। जनपद के विशुनपूरा विकास खण्ड के गोईती वुजूर्ग निवासी जितेन्द्र का दो वेटे विजय व छोटू जिनकी उम्र मश: 5 व 3 वर्ष था दोनों का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा था कि 30 अक्टूबर को विजय मर गया और वुधवार को यानी कल दुसरा वेटा छोटू भी इस बीमारी का शिकार मौत के मुह में समा गया। इधर रामकोला विकास खण्ड के जमुनिया के मेराजदीन की दो वेटियां इस बीमारी से ग्रसित थी मेराज की दुसरी लडकी राविया उर्फ अफसाना ने मेडिकल कालेज में वुधवार की भोर में इलाज के दौरान अपना दम तोड़ दिया तो अफसाना की वडी वहन मुस्कान ने भी मंगलवार को भोर में मेडिकल कालेज ले जाते समय अपना दम तोड़ दिया है। ग्रामीण  इस कहर से भयाकूल है और प्रशासन से मांग कर रहें है। कि गांव में बीमारी के रोक थाम के लिए समुचित इन्तजाम किये जाए जिससे इससे काबू पाया जा सके। इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि जेइ्र के लिए विभाग सर्तक है जहां कही से सूचना मिल रही है हम वहा डाक्टर भेज कर स्थिति को काबू में लेने का प्रयास कर रहा हैं 

डेंगू से एक और मौत

शाहजहांपुर, 01 नवम्बर। (उप्रससे)। डेंगू के कहर ने नगर को अभी भी अपनी चपेट में ले रखा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत रामदर्शन सिंह को लगभग 10 दिन पहले डेंगू बुखार ने जकड़ लिया। उन्हें उपचार के लिए बरेली के राममूर्ति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके शव को बरेली से उनके निवास स्थान पर लाया गया। जहां से उनके शव को स्वर्गधाम ले जाकर उनकी अंत्येष्टि कर दी गयी।

मीरगंज सीओ की डेंगू से मौत

शाहजहांपुर, 31 अक्टूबर ।(उप्रससे)।  डेंगू और वायरल बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार से पीड़ित सेवानिवृत शिक्षक की बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे कस्बे के लोगों में संक्रामक रोगों की दहशत पैदा हो गयी है।

जनपद के मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला कायास्थान निवासी रिटायर्ड शिक्षक 70 वर्षीय मिर्जा मसऊद बेग उर्फ चन्दा मियां को तेज बुखार व सिरदर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन अस्पताल के डाक्टर ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी। वहीं मीरगंज सीओ एमपी कुरील की डेंगू बुखार से दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला रामनगर कालोनी निवासी एमपी कुरील बरेली में सीओ मीरगंज थे। उन्हें डेंगू बुखार हो जाने पर बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से डाक्टर ने दिल्ली के एक अस्पताल के लिए श्री कुरील को रेफर कर दिया। वहीं उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी।

डेंगू का कहर बरकरार, पिता-पुत्र की मौत

शाहजहांपुर, 26 अक्टूबर। (उप्रससे)।  जनपद में फैले डेंगू के प्रकोप से मौतों का सिलसिला अभी भी नहीं थम रहा है। थाना सदर बाजार अन्तर्गत मोहल्ला ऐमनजई जलालनगर निवासी वीडीओ एवं उसके पुत्र को डेंगू ने अपने आगोश में लपेट रखा था। जिससे उनकी बीते दिवस बुखार चढ़ने के बाद अत्यधिक हालत बिगड़ने पर बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। 55 वर्षीय ग्राम पंचायत अधिकारी मुश्तेहसन की हालत सुधर भी नहीं पाई कि उनकी देखभाल में जुटे उनके 25 वर्षीय बड़े बेटे यूसुफ को भी डेंगू ने अपना शिकार बना लिया। परिजनों ने उसे भी उसी अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन देर शाम एकाएक दोनों पिता-पुत्र की सांसें थम गईं।

जनपद के ब्लाक सिंधौली के ग्राम पंचायत अधिकारी श्री हसन के पास इन दिनों कोरोकुइयां, महानंदपुर, रामपुर ताहरपुर, चांदा, खिरिया पाठक, सल्लिया, घाटबोझ आदि गांवों का चार्ज था। करीब आठ दिन पहले उन्हें बुखार की शिकायत हुई। दवाएं लेने पर फायदा होने के बजाय जोड़ों में दर्द रहने की शिकायत रहने लगी। इस पर उन्होंने बीडीओ एमएल पुष्कर को अवकाश का प्रार्थना पत्र दे दिया। घर में आराम करने पर भी कोई राहत नहीं मिली तो उनकी पत्नी बेटे यूसुफ के साथ उन्हें बरेली ले गईं और वहां के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।

उपचार के दौरान ही पिता की तीमारदारी में जुटे यूसुफ को भी बुखार चढ़ आया। इस पर उसे भी उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान मुश्तहसन व उसके पुत्र यूसुफ ने एकाएक दम तोड़ दिया। 

एड्स से बचाव हेतु माइग्रेंट संवेदीकरण परियोजना शुरु

लखनऊ, 20 अक्टूबर। (उप्रससे)। प्रदेश से बाहर रोजी रोटी की तलाश में जाने वाले लोगों को एड्स से बचाव रखने के लिए शिक्षित करने के लिए माइग्रेंट संवेदीकरण परियोजना शुरु की गई है। इस परियोजना का शुभारम्भ आज चारबाग स्टेशन से किया गया।

लखनऊ जक्ंशन एवं चारबाग में उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी द्वारा आयोजित माइग्रेन्ट संवेदीकरण परियोजना का शुभारम्भ करते हुए मण्डलीय रेल प्रबन्धक (एन0आर0) जे0एस0 सोढ़ी ने कहा कि रेलवे अपने सामाजिक दायित्वों के चलते विस्थापितों को एच0आई0वी0 एड्स के बारे में जानकारी देने के लिए पूरा-पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर एच0आई0वी0 एड्स के सम्बन्ध में प्रचार सामग्री भी वितरित की जायेगी। इसके साथ ही समय-समय पर स्थापित किये जाने वाले शिविरों की सफलता के लिए भी रेलवे के अधिकारीकर्मचारी पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने माइग्रेन्ट संवेदीकरण परियोजना की सफलता के लिए इससे जुड़े अधिकारियों तथा गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका की सराहना की।

       इस कार्यम के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए अपर निदेशक, एड्स नियंत्रण श्रीमती कुमुद लता श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश एच0आई0वी0 एड्स की दृष्टि से कम जोखिम वाले प्रान्तों में है। प्रदेश के मुख्यत: पूर्वी जनपदों से नौकरी की तलाश में लोग अन्य राज्यों में पलायन करते हैं। परिवार के अभाव में विभिन्न यौन कर्मियों के साथ यौन सम्बन्ध बनाने की सम्भवना बनी रहती है, जिसके कारण एच0आई0वी0 एड्स के संमण का खतरा बना रहता है। ऐसे व्यक्ति जब अपने घर लौटता है तो अपनी जीवन संगनी को सांमित बना सकता है। जागरूकता के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी ऐसे लोग नहीं ले पाते हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए मजदूरी की तलाश में जाने वालों को जागरूक करने के लिए माइग्रेन्ट संवेदीकरण परियोजना शुरू की गयी है।

       अपर निदेशक ने कहा कि इस परियोजना के तहत विस्थापितों के निवास वाले जनपदों एवं रास्ते में पडने वाले रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन आदि पर विशेष जागरूकता शिविर लगाने की योजना है। इसके लिए लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी तथा गोरखपुर के रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों का चयन किया गया है। यहां पर एन0जी0ओ0 के माध्यम से प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद, आजमग़ढ, देवरिया, गोरखपुर, जौनपुर, मऊ तथा वाराणसी के चयनित ब्लाकों एवं गांवों से, जहां नौकरी की तलाश में बडे पैमाने पर लोग पलायन करते है, ऐसे लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।

       श्रीमती कुमुद लता श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कालेजों में एच0आई0वी0 जांच एवं परामर्श केन्द्र स्थापित किये गये हैं, जहां पर एच0आई0वी0 सम्बन्धित जांच एवं सलाह नि:शुल्क उपलब्ध है। कार्यम को एस0आर0एम0 श्री नीरज शर्मा ने भी सम्बोधित किया। अतिथियों का डॉक्टर अशोक कुमार शुक्ला ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक, डॉ0 सुषमा योगेश, डॉ0 मृदुला शर्मा, सी0एम0एस0 रेलवे, डॉ0 एम0सी0 श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

 इन्सेफलाईटिस का कहर : कुशीनगर में तीन दिन में तीन की मौत

कुशीनगर,20 अक्टूबर । (उप्रससे)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में इन्सेफेलाईटिस का कहर अभी कम नही हो रहा मरने वालों की सख्या बढती जा रही है। बिगत तीन दिनों में तीन मासूमों ने दम तोड़ दिया।

       कुशीनगर का स्वास्थ्य महकमा ऐसा नही कि इसकी रोक थाम में कोई कसर छोड़ रहा हो लेकिन इस विभाग की दिन तब जाके खुलती है। जब पुरी कहानी समाप्त होने के कगार पर होती है। जनपद के तमकुही राज विकास खण्ड के मोरवन गांव में बिगत तीन दिनों में दो की जान चली गयी । जब एक और मासुम बच्चा इस बिमारी से ग्रसित हुआ तो स्वास्थ्य विभाग ने टीम भेजी । मोरवन गांव में पहुची टीम ने गांव के तीस लोगों का खुन नमूने के लिए लिया और जांच किया । मोरवन निवासी विरेन्द्र का चार वर्षीय लडका मुन्ना 15 अक्टूबर को को तथा रामाधार का 6 वर्षीय वेटी सेजना ने सोमवार को गोरखपुर मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया।  इस घटना के बाद गांव में इस बीमारी से ग्रसित लोगों की संख्या बढ गयी।मरीज वच्चों में तमन्ना पुत्री खुर्शीद उर्म 3 वर्ष ,साजिद पुत्र अख्तर उर्म 1माह ,रिया पुत्री श्रीनिवास उर्म 12 वर्ष रूखी पुत्री उग्रसेन उर्म 3 वर्ष ,प्रिन्स पुत्र नरसिंह उर्म 5 वर्ष को शरीर में अकडन के साथ बुखार है।जब की सालू पुत्री विसूनदेव उर्म 13 वर्ष मेडिकल कालेज में भर्ती है।वहां के ग्रामिणों का आरोप है इिस घटना के वावजूद विभाग उदासीन है। तो वही कुबेरस्थान के खनवार निवासी राधेश्याम की 12 वर्षीय पुत्र मनीष काफी दिनों से इस बीमारी से ग्रसित था और सोमवार को मेडिकल कालेज में इलाज के द्वौरान मौत हो गयी । इस सम्बन्ध में मुक्ष्यचिकित्सा अधिकारी अमर नाथ तिवारी ने बताया कि मरीजों को भर्ती कराया गया है। रोक थाम का कार्य चालू है। विभाग हर सम्भ्व प्रयास कर रहा है। कि कोई वच्चा इस बीमारी से मरने न पावे।  

चिकित्सा शिक्षा के अनुपूरक बजट 193 करोड़ की स्वीकृति मानक के अनुरूप जारी करने के निर्देश

लखनऊ, 23 सितम्बर। (उप्रससे)। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री लालजी वर्मा ने चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। श्री वर्मा ने शासन स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिकित्सा शिक्षा में बेहतर व्यवस्था हेतु चिकित्सा संस्थानों एवं राजकीय मेडिकल कालेजों के निर्माण कार्य संबंधी तथा गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरणों के य के लिये अनुपूरक बजट में लगभग 193 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है। इससे संबंधित स्वीकृति मानक के अनुसार जारी करें। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिये।

       श्री वर्मा ने राजकीय मेडिकल कालेजों में भारतीय चिकित्सा परिषद के मानक के अनुसार व्यवस्था करने के लिये शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिये। उन्होंने मेडिकल कालेजों एवं चिकित्सा संस्थानों में समुचित मात्रा में दवाओं की व्यवस्था करने तथा मरीजों के बेहतर देखभाल की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शासन स्तर तथा कालेज स्तर के अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक पाक्षिक रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिये गये।बैठक में शासन स्तर के अलावा निदेशालय स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया।

 
 
                   

इंसेफेलाइटिस को महामारी घोषित करे सरकार: कांग्रेस

लखनऊ,  15 सितम्बर।(उप्रससे)। इंसेफेलाइटिस एवं जापानी इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) से पूर्वांचल के कई जनपदों विशेषकर गोरखपुर में हुई हजारों बच्चों की मौतों को देखते हुए राज्य सरकार इस बीमारी को महामारी घोषित करे एवं प्रदेश सरकार द्वारा इसकी रोकथाम के लिए उठाये गये कदमों पर श्वेतपत्र जारी करे।

           उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि गोरखपुर, महराजगंज, आजमग़ढ, कुशीनगर, देवरिया सहित कई जनपदों में विगत कई माह से इंसेफेलाइटिस एवं जापानी मस्तिष्क ज्वर ने अपना कहर बरपा रखा है, जिसके कारण हजारों मासूम एवं निरीह बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पडा है किन्तु प्रदेश सरकार तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा अभी तक कोई भी कारगर कदम नहीं उठाये गये हैं जिसके कारण आम जनमानस में रोष व्याप्त है। यदि सरकार द्वारा इस महामारी को रोकने के लिए पहले से ही उपाय किये गये होते तो पूर्वांचल में हजारों निर्दोष मासूमों की जिन्दगियों को बचाया जा सकता था।

           प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मच्छरजनित इस बीमारी की रोकथाम एवं चिकित्सा हेतु अभी तक जलजमाव के कारण उत्पन्न हो रहे मच्छरों से निजात पाने हेतु कोई भी ठोस कदम उठाना तो दूर प्राथमिक स्तर पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी, जिससे यह लगे कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन इस मामले में गंभीर है। जिसकी वजह से सिर्फ जनवरी 2010 से अगस्त2010 तक 293 अधिकारिक मौतें हो चुकी हैं। जबकि इस महामारी से तमाम बच्चे अपने घरों में या अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ चुके हैं, जिनकी संख्या अधिकारिक रिकार्ड में नहीं दर्ज है। इतना ही नहीं इंसेफेलाइटिस की वजह से जिस तरह नवजात मासूमों की मौतें हो रही हैं वह किसी भी सरकार के लिए शर्म की बात है और प्रदेश की सरकार भी इन जिम्मेदारियोें से बच नहीं सकती है।

           श्री त्रिपाठी ने कहा कि यहां यह उल्लेखनीय है कि गोरखपुर सहित प्रभावित जिलों में सी.एस.सी. तथा बी.एस.सी. में न तो कोई वेंटीलेटर की व्यवस्था है और न ही प्रशिक्षित डाक्टरों की। जिसके कारण इस तरह के बीमार बच्चे सिर्फ मेडिकल कालेज ले जाये जाते हैं और वहां पर भी समुचित इलाज न होने के कारण दम तोड़ देते हैं। इतना ही नहीं गोरखपुर में जो भी फागिंग मशीन हैं वह भी बेकार हैं तथा एडिशनल डायरेक्टर के कार्यालय में सफेद हाथी की तरह बेकार पडी हुई है।

           उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार बताये कि अब तक इस मामले में स्थानीय प्रशासन से क्या सूचना ली गयी है तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार यह भी बताये कि आगे के लिए इंसेफेलाइटिस से रोकथाम के लिए क्या कार्यवाही करने जा रही है।

 

कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम के फायदेमंद है रोजाः प्रो. रजा

tags : अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय, प्रो.मुहम्मद हबीब रजा, रमजान और स्वास्थ्य

अलीग़ढ,  01 सितम्बर। (उप्रससे)।  अलीग़ढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सुन्नी थ्योलोजी विभाग द्वारा रमजान, स्वास्थय एवं बीमारियां विषय पर आयोजित व्याख्यान को संबोध्ति करते हुए जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के जनरल सर्जरी विभाग के प्रोपफेसर मुहम्मद हबीब रजा ने कहा कि मुसलमानों के ऊपर रमजान माह के रोज़ा रखना कर्तब्य समान है। उन्होंने पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि स्वस्थय रहने के लिए रोजा रखो। प्रोपफेसर रजा ने कहा कि आज चिकित्सक स्वस्थय शरीर एवं मस्तिष्क के लिए रोजे की अहमियत को स्वीकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोज़े के कुछ सकारात्मक तथ्य मनुष्य के शरीर तथा स्वास्थय पर सीध्े प्रभाव डालते हैं।

                प्रोपफेसर रजा ने कहा कि सामान्य दिनों में लीवर और मसल्स में जमा ग्लूकोज़ मनुष्य के शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। रोज़ा रखने के दौरान प्रथम चरण में पहले यही ग्लूकोज़ शरीर को ताकत देता है। इसकी समाप्ति के उपरान्त शरीर का फैट मनुय को ताकत देता है। कई सप्ताहों के रोज़े के उपरान्त शरीर प्रोटीन का इस्तेमान करता है। शरीर में जमा टोक्सिन का भी डीटोकसिफिकेशन प्रारम्भ हो जाता है।उन्होंने मोरक्को के रचिता रोकी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि रोज़ा तुरन्त शरीर के पानी, काब्रोहाइेड्ट्स्स और प्रोटीन को समाप्त नहीं करता है। उन्होंने कहा कि रोज़े के दौरान एच0डी0एल0 और अपोप्रोटीन ए0 में कुछ बढोत्तरी और एल0डी0एल0 की घटत होती है जो कि शरीर के कारडियोवस्कुलर सिस्टम के लिए लाभदायक है।प्रोफेसर रजा ने कहा कि जो लोग किसी प्रकार के व्यसन में लिप्त हैं जैसे काफी, ध्ुम्रपान, नमकीन एवं अध्कि मीठे के शौकीन हैं उन्हें इन चीजों को छोड़ने अथवा कंट्रोल करने में रोज़ों से मदद मिलती हैं, क्यों कि रोजों से जायका मिलने के तत्व साफ हो जाते हैं और स्वस्थ खानों का अध्कि मजा मिलने लगता है। रोजा रखने के कारण लोग ड्रग, शराब, पान और ध्ुम्रपान पूर्णत: छोड़ सकते हैं।

                प्रोफेसर रजा ने कहा कि डायबिटीज़ के रोगियों को रोज़े रखने चाहिए। वह डायबेटिक रोगी जिनका वजन अध्कि है, वह लोग जो इन्सुलीन पर हैं अथवा वे जो ओरल एन्टी डायबेटिक हैं उन्हें रोज़े रखने चाहिए। हाईपर टेन्शन और दिल की बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को भी रोज़े रखने चाहिए। इसी प्रकार सामान्य ब्लड प्रेशर के रोगियों को रोज़े नहीं छोड़ने चाहिए।उन्होंने कहा कि ोनिक कोलेसायटिस, एथेन्डिसिटिक्स,माजबाउल रोग, एब्जेमीनल कन्डीशन, शल्य चिकित्सा के उपरान्त जैसे गम्भीर एथेन्टिक्स, कोलेसाइटिस, बिलेरी कोलिक, रेनाज कोलिक, हृदयघात, रेनाल पफेलियर, माइग्रेन, पेपटिक अलसर सामान्य तथा खून के साथ, अलसरेटिव कोलिटिक, ोहन्स, गम्भीर लीवर के रोग, लीवर पफेलियर आदि के रोगियों को रोज़े नहीं रखने चाहिए। जैसे इरटीटेबिल बाऊल सिन्ड्रोम, हाजमा खराब और हर्ट बर्न आदि के रोगियों को रोज़े रखने चाहिए। जब कि अस्थमा, एपीलेप्सी, हार्टपफेलियर, रेपफलेक्स रोग, थरमोबेमेलिक कन्डीशन के रोगियों को चिकित्सक के परामर्श से रोज़े रखने चाहिए।

                प्रोपफेसर रजा ने कहा कि रमजान के दौरान खान-पान हेल्दी तथा नियंत्रिाात होना चाहिए, जो पूरे वर्ष चले। पफैटी पफूड को नहीं अपनाना चाहिए चाहे वह इपफतार में हो या पिफर सहरी में।कार्यम की अध्यक्षता थ्योलोजी संकाय के डीन प्रोपफेसर अली मुहम्मद नकवी ने की। उपस्थितजनों का आभार सुन्नी थ्योलोजी विभाग के अध्यक्ष डा0 अब्दुल खालिक ने जताया। कार्यम का संचालन नाजिमे दीनियात डा0 मुपफती जाहिद अली खान ने किया लेक्चर के उपरान्त सुन्नी थ्योलोजी विभाग में पी0जी0 छात्राों एवं सीरत कमेटी द्वारा रोजा अपफतार का भी आयोजन किया गया जिसमें मेहमानों के अतिरिक्त सर्जरी विभाग के रेज़ीडेंट डाक्टर पिफरोज़ खान, डा0 मुहम्मद राशिद, सहायक कंट्रोलर वाजिद अली, नदीम अशरपफ तथा मुहम्मद कलीम सहित समस्त छात्रा, छात्रााओं व शोधार्थयों ने भी शिरकत की।

 
 
   
 
 
                               
 
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